Header Ads Widget

New Post

6/recent/ticker-posts
Telegram Join Whatsapp (1) Whatsapp (2)

आप डूुबलिकेट वेबसाइट से बचे दुनिया का एकमात्र वेबसाइट यही है Bharati Bhawan और ये आपको पैसे पेमेंट करने को कभी नहीं बोलते है क्योंकि यहाँ सब के सब सामग्री फ्री में उपलब्ध कराया जाता है धन्यवाद !

भारती भवन कक्षा 10वीं रसायनशास्त्र अध्याय 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण दीर्घ उत्तरीय प्रश्न | Bharati Bhawan Class 10th Chemistry Chapter 1 Chemical Reactions and Equations Long Answer Question

भारती भवन कक्षा 10वीं रसायनशास्त्र अध्याय 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण दीर्घ उत्तरीय प्रश्न  Bharati Bhawan Class 10th Chemistry Chapter 1 Chemical Reactions and Equations Long Answer Question

 1. रासायनिक समीकरण क्या है ? निम्नांकित समीकरण से कौन-सी सूचनाएं प्राप्त होती है ?

2SO2 + O2 → 2SO3

उत्तर - किसी रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेनेवाले पदार्थों के संकेतों एवं सूत्रों की सहायता से उस अभिक्रिया का संक्षिप्त निरूपण या प्रदर्शन रासायनिक समीकरण कहलाता है | रासायनिक अभिक्रिया के अभिकरकों एवं उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए पदार्थों के संकेतों एवं सूत्रों को व्यवस्थित करना पड़ता है |

2SO2 + O2 → 2SO3

इस रासायनिक समीकरण में सल्फर डाईआक्साइड के दो अणु आक्सीजन के एक अणु से अभिक्रिया करके सल्फर डाईआक्साइड के दो अणु का निर्माण करता है | इसमे अभिकर्मकों को → चिन्ह के बायीं ओर दर्शाया गया है |

2. निम्नलिखित रासायनिक समीकरणों को संतुलित करें -

(i) Ca(OH)2 + HNO3 → Ca(NO)3 + H2O

(ii) 2AI + CuCI2 → AICI3 + Cu
उत्तर-
(i) Ca(OH)2 + 2HNO3 → Ca(NO)3 + 2H2O
(ii) AI + 3CuCI2 → 2AICI3 + 3Cu
3. विस्थापन एवं उभय विस्थापन अभिक्रियाएँ में अंतर बताएं |
उत्तर- विस्थापन अहव एकल विस्थापन अभिक्रिया - वह अभिक्रिया जिसमे किसी अणु में उपस्थित किसी परमाणु या परमाणुओं के समूह को किसी दुसरे परमाणु द्वारा विस्थापित कर दिया जाता है, एकल विस्थापन अभिक्रिया कहलाता है |
जैसे- Cu + 2AgNO3 → Cu(NO3)2 + 2Ag
एक परखनली में सिल्वर नाइट्रेट का विलयन लें | इसमे साफ कॉपर का तार डालते समय के पश्चात् कॉपर के तार पर चमकीले सिल्वर की परत जमा हो जाती है | इस अभिक्रिया में कॉपर नाइट्रेट बनने के कारण विलयन का रंग हल्का नीला हो जाता है |
उभय विस्थापन अभिक्रिया - वैसी अभिक्रिया जिसमे दो योगिक अपने आयनों को विनिमय या आदान-प्रदान करके दो नए यौगिक का निर्माण करते है, उभय विस्थापन अभिक्रिया कहलाता है | ऐसी अभिक्रियाएँ आयनिक यौगिक के साथ होती है |
जैसे- FeS + H2SO4 → Fe O4 + H2S↑
जब फेरस सल्फाईट को सल्फ्यूरिक अम्ल से अभिक्रिया कराई जाती है तब सल्फाईट गैस निकलती है और फेरस सल्फेट बनता है |
4. हाइड्रोजन एवं आक्सीजन के लाभ/हानि के सन्दर्भ में आक्सीकरण एवं अवकरण अभिक्रियाओं को समझाएं |
उत्तर-उपचयन अभिक्रिया - वे अभिक्रिया जिनमे किसी तत्व या यौगिक से आक्सीजन का संयोग होता है, उपचयन अभिक्रिया कहलाती है |
जैसे - 
(i) कार्बन को वायु या आक्सीजन में जलाने पर कार्बन डाईआक्साइड बनता है |
C + O2 → CO2
इसमे कार्बन का आक्सीजन से संयोग होता है, अर्थात कार्बन उपचयित होता है |अत: यह उपचयन अभिक्रिया है |
(ii) सांद्र हईड्रोक्लोरिक अम्ल को मैंगनीज डाईआक्साइड के साथ गर्म करने पर क्लोरिन गैस निकलती है |
4HCI + MnO2 → MnCI2 + 2H2O + CI2↑
इसमे HCI से H का निष्काशन होता है, अर्थात HCI उपचयित होता है | अत: यह भी उपचयन अभिक्रिया है|
अपचयन अभिक्रिया - वे अभिक्रिया जिनमे किसी तत्व या यौगिक का हाइड्रोजन से संयोग होता है या किसी यौगिक से आक्सीजन का विस्थापन होता है, अपचयन अभिक्रिया कहलाती है |
जैसे - 
(i) हाइड्रोजन एवं क्लोरिन के बीच संयोग होने पर हाइड्रोजन क्लोराइड बनता है |
H2 + CI2 → 2HCI
इसमे क्लोरिन का हाइड्रोजन से संयोग होता है अर्थात क्लोरिन अपचयित होता है | अत: यह अपचयन अभिक्रिया है |
(ii) तप्त क्युप्रिक आक्साइड के ऊपर हाइड्रोजन गैस प्रवाहित करने पर कॉपर धातु मुक्त होती है |
CuO + H2 → Cu + H2O
इसमे CuO से आक्सीजन का विस्थापन होता है, अर्थात CuO अपचयित होता है | अत: यह अपचयन अभिक्रिया है |
5. निम्नलिखित किस प्रकार की अभिक्रिया है ?
(i) शरीर में भोजन का पचना 
(ii) Fe + CuSO4 → Cu + FeSO4
(iii) Ca(OH2 + 2HCI → CaCI2 + 2H2O
(iv) CuO + H2 → Cu + H2O
उत्तर- (i) मंद आक्सीकरण अभिक्रिया 
(ii) एकल विस्थापन अभिक्रिया 
(iii) संयोजन अभिक्रिया 
(iv) आक्सीकरण अवकरण अभिक्रियाएँ 
6. क्या होता है जब -
(i) जिंक धातु कॉपर सल्फेट के विलयन में डाली जाती है ?
(ii) सिल्वर धातु कॉपर सल्फेट के विलयन में डाली जाती है ?
(iii) पोटेशियम आयोडीन का विलयन लेड एमिटेड के विलयन में डाला जाता है ?
उत्तर - (i) जब जिंक धातु को कॉपर सल्फेट विलयन में डाला जाता है तो जिंक सल्फेट तथा कॉपर बनता है |
Zn + CuSO4 → ZnSO4 + Cu
(ii) सिल्वर धातु को जब कॉपर सल्फेट के विलयन में डाला जाता है तो सिल्वर सल्फेट तथा कॉपर बनता है |
Ag + CuSO4 → AgSO4 + Cu
(iii) जब पोटेशियम आयोडाइड का विलय लेड एमिटेड के विलयन में डाला जाता है तो पोटेशियम एसिटेड तथा लेड आयोडाइड बनता है |
2KI + (CH3COOH)2Pb → 2CH3COOH + Pb
7. उदारहरण सहित उश्मक्ष्पी एवं उष्मशोशी अभिक्रियाओं की व्याख्या करें |
उत्तर- 

Post a Comment

0 Comments