कक्षा 8 सुगम विज्ञान अध्याय – धातु और अधातु | सभी प्रश्न-उत्तर | Bharati Bhawan
विषय: विज्ञान
कक्षा: 8
पुस्तक: भारती भवन सुगम विज्ञान
अध्याय: धातु और अधातु
महत्वपूर्ण प्रश्न: अतिलघु, लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-उत्तर
इस पोस्ट में कक्षा 8 भारती भवन सुगम विज्ञान के अध्याय “धातु और अधातु” के सभी महत्वपूर्ण अतिलघु, लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों के उत्तर सरल हिंदी में दिए गए हैं। विद्यार्थी परीक्षा की तैयारी के लिए इन प्रश्नों और उत्तरों का अभ्यास कर सकते हैं।
अतिलघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1. सामान्यतया धातुओं का रंग कैसा होता है?
उत्तर: सामान्यतया धातुओं का रंग चमकीला सफेद या सिल्वर जैसा होता है। लेकिन सोना पीले रंग का तथा ताँबा लाल-भूरे रंग का होता है।
प्रश्न 2. एल्युमिनियम का उपयोग विद्युत केबुलों में क्यों होता है?
उत्तर: एल्युमिनियम विद्युत का अच्छा सुचालक होता है। यह हल्का, तन्य और अपेक्षाकृत सस्ता भी होता है। इसलिए इसका उपयोग विद्युत केबल बनाने में किया जाता है।
प्रश्न 3. जंग क्या है?
उत्तर: लोहे पर नम वायु की उपस्थिति में बनने वाली लाल-भूरे रंग की परत को जंग कहते हैं। यह मुख्यतः जलयोजित आयरन (III) ऑक्साइड होती है।
प्रश्न 4. जंग लगने की आवश्यक शर्तें क्या हैं?
उत्तर: लोहे में जंग लगने के लिए मुख्य रूप से दो चीजों की आवश्यकता होती है—
ऑक्सीजन (वायु)।
जल या नमी।
प्रश्न 5. सोना नम वायु से भी अभिक्रिया नहीं करता है, क्यों?
उत्तर: सोना एक बहुत कम सक्रिय धातु है। यह सामान्य परिस्थितियों में वायु और नमी से अभिक्रिया नहीं करता है। इसलिए सोने पर आसानी से जंग या क्षरण नहीं होता है।
प्रश्न 6. अधिकांश धातुएँ जल से अभिक्रिया करके क्या बनाती हैं?
उत्तर: अधिकांश धातुएँ जल से अभिक्रिया करके धातु के हाइड्रॉक्साइड या ऑक्साइड तथा हाइड्रोजन गैस बनाती हैं। यह अभिक्रिया धातु की सक्रियता और जल के तापमान पर निर्भर करती है।
प्रश्न 7. उन दो धातुओं के नाम लिखें जिन्हें हम चाकू से सरलता से काट सकते हैं?
उत्तर: सोडियम और पोटैशियम ऐसी दो धातुएँ हैं जिन्हें चाकू से आसानी से काटा जा सकता है।
प्रश्न 8. एल्युमिनियम के बर्तन में पानी उबालने पर एल्युमिनियम एवं पानी में अभिक्रिया क्यों नहीं होती है?
उत्तर: एल्युमिनियम की सतह पर एल्युमिनियम ऑक्साइड की एक पतली, मजबूत और सुरक्षात्मक परत बन जाती है। यह परत एल्युमिनियम को पानी से सीधे अभिक्रिया करने से बचाती है। इसलिए सामान्य परिस्थितियों में एल्युमिनियम के बर्तन में पानी उबालने पर कोई उल्लेखनीय अभिक्रिया नहीं होती है।
प्रश्न 9. तीन धातुओं को सक्रियता क्रम में सजाएँ।
उत्तर: सोडियम, मैग्नीशियम और लोहा को सक्रियता के घटते क्रम में इस प्रकार सजाया जाता है—
सोडियम (Na) > मैग्नीशियम (Mg) > लोहा (Fe)
प्रश्न 10. निम्नांकित में सबसे कम सक्रिय धातु कौन-सी है?
लोहा, सोडियम, ताँबा, मैग्नीशियम।
उत्तर: दिए गए विकल्पों में ताँबा (Cu) सबसे कम सक्रिय धातु है।
प्रश्न 11. फेरस सल्फेट विलयन में ताँबे की पत्तर डालने से पत्तर पर लोहे की परत क्यों नहीं जमा होती है?
उत्तर: ताँबा लोहे से कम सक्रिय धातु है। इसलिए वह फेरस सल्फेट विलयन से लोहे को विस्थापित नहीं कर सकता। इसी कारण ताँबे की पत्तर पर लोहे की परत नहीं जमती है।
प्रश्न 12. एक द्रव धातु का नाम लिखें।
उत्तर: पारा (Mercury) एक द्रव धातु है।
प्रश्न 13. एक विद्युत के सुचालक अधातु का नाम लिखें।
उत्तर: ग्रेफाइट विद्युत का सुचालक अधातु है।
प्रश्न 14. एक द्रव अधातु का नाम लिखें।
उत्तर: ब्रोमीन एक द्रव अधातु है।
प्रश्न 15. दो धातुओं के नाम बताएँ जो ऑक्सीजन से अभिक्रिया नहीं करती हैं?
उत्तर: सोना और प्लैटिनम सामान्य परिस्थितियों में ऑक्सीजन से अभिक्रिया नहीं करते हैं।
प्रश्न 16. कोई दो उपधातुओं के नाम बताएँ।
उत्तर: सिलिकॉन और जर्मेनियम दो उपधातुओं के उदाहरण हैं।
प्रश्न 17. उस धातु का नाम बताएँ जिसकी आघातवर्धनीयता उच्च कोटि की हो।
उत्तर: सोना सबसे अधिक आघातवर्धनीय धातुओं में से एक है।
प्रश्न 18. उस धातु का नाम बताएँ जो नम वायु में अपनी सतह पर हरे रंग का निक्षेप बनाती हो।
उत्तर: ताँबा नम वायु में कार्बन डाइऑक्साइड और नमी की उपस्थिति में अपनी सतह पर हरे रंग की परत बनाता है। यह मुख्यतः क्षारीय कॉपर कार्बोनेट होती है।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1. धातुओं के मुख्य भौतिक गुण क्या हैं?
उत्तर: धातुओं के मुख्य भौतिक गुण निम्नलिखित हैं—
चमक: अधिकांश धातुओं की सतह चमकीली होती है।
कठोरता: अधिकांश धातुएँ कठोर होती हैं, लेकिन सोडियम और पोटैशियम जैसी कुछ धातुएँ नरम होती हैं।
आघातवर्धनीयता: धातुओं को पीटकर पतली चादरों में बदला जा सकता है।
तन्यता: धातुओं से पतले तार बनाए जा सकते हैं।
सुचालकता: धातुएँ सामान्यतः ऊष्मा और विद्युत की अच्छी सुचालक होती हैं।
ध्वन्यात्मकता: धातुओं को चोट पहुँचाने पर सामान्यतः घंटी जैसी आवाज उत्पन्न होती है।
अवस्था: अधिकांश धातुएँ सामान्य ताप पर ठोस होती हैं। पारा एक द्रव धातु है।
प्रश्न 2. धातुओं की अम्ल से क्या अभिक्रिया होती है?
उत्तर: सामान्यतः हाइड्रोजन से अधिक सक्रिय धातुएँ तनु अम्लों से अभिक्रिया करके लवण और हाइड्रोजन गैस बनाती हैं।
उदाहरण:
जिंक की तनु सल्फ्यूरिक अम्ल से अभिक्रिया—
Zn + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂↑
इस अभिक्रिया में जिंक सल्फेट और हाइड्रोजन गैस बनती है।
प्रश्न 3. अधातुओं की अम्ल से क्या अभिक्रिया होती है?
उत्तर: सामान्यतः अधातुएँ तनु अम्लों से अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस मुक्त नहीं करती हैं। इसका कारण यह है कि वे अम्ल से हाइड्रोजन को विस्थापित करने में सक्षम नहीं होती हैं।
प्रश्न 4. अधातुएँ अम्ल से अभिक्रिया कर हाइड्रोजन गैस क्यों मुक्त नहीं करती हैं?
उत्तर: अधातुएँ सामान्यतः इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की प्रवृत्ति रखती हैं। वे अम्ल से हाइड्रोजन आयनों को विस्थापित करने के लिए आवश्यक इलेक्ट्रॉन नहीं देती हैं। इसलिए सामान्य परिस्थितियों में अधातुएँ तनु अम्लों से अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस मुक्त नहीं करती हैं।
प्रश्न 5. निम्नांकित समीकरणों को पूरा एवं संतुलित करें।
(i) Na + O₂ → ……
उत्तर:
4Na + O₂ → 2Na₂O
(ii) Mg + O₂ → ……
उत्तर:
2Mg + O₂ → 2MgO
(iii) Mg + H₂O → …… + ……
उत्तर:
Mg + 2H₂O → Mg(OH)₂ + H₂↑
यह अभिक्रिया गर्म जल के साथ होती है।
(iv) Zn + H₂SO₄ → …… + ……
उत्तर:
Zn + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂↑
नोट: प्रश्न में अम्ल का सूत्र टाइपिंग के कारण गलत था। यहाँ सही सूत्र H₂SO₄ (सल्फ्यूरिक अम्ल) है।
(v) Zn + CuSO₄ → …… + ……
उत्तर:
Zn + CuSO₄ → ZnSO₄ + Cu
प्रश्न 6. धातुओं की सापेक्ष सक्रियता से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: विभिन्न धातुओं की रासायनिक अभिक्रिया करने की क्षमता की तुलना को धातुओं की सापेक्ष सक्रियता कहते हैं। जो धातु अधिक आसानी से अभिक्रिया करती है, वह अधिक सक्रिय होती है। अधिक सक्रिय धातु अपने से कम सक्रिय धातु को उसके लवण के विलयन से विस्थापित कर सकती है।
उदाहरण के लिए, जिंक ताँबे से अधिक सक्रिय है। इसलिए जिंक, कॉपर सल्फेट के विलयन से ताँबे को विस्थापित कर देता है।
Zn + CuSO₄ → ZnSO₄ + Cu
प्रश्न 7. निम्नांकित अभिक्रियाओं के संतुलित रासायनिक समीकरण लिखें।
(i) लोहे की भाप से अभिक्रिया।
उत्तर:
3Fe + 4H₂O (भाप) → Fe₃O₄ + 4H₂↑
इस अभिक्रिया में लोहा जलवाष्प से अभिक्रिया करके मैग्नेटाइट (Fe₃O₄) और हाइड्रोजन गैस बनाता है।
(ii) मैग्नीशियम की गर्म जल से अभिक्रिया।
उत्तर:
Mg + 2H₂O → Mg(OH)₂ + H₂↑
इस अभिक्रिया में मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड और हाइड्रोजन गैस बनती है।
(iii) पोटैशियम की जल से अभिक्रिया।
उत्तर:
2K + 2H₂O → 2KOH + H₂↑
इस अभिक्रिया में पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड और हाइड्रोजन गैस बनती है। यह अभिक्रिया बहुत तीव्र होती है।
प्रश्न 8. साधारण शर्तों के अंतर्गत एल्युमिनियम ठंडे जल से अभिक्रिया क्यों नहीं करता है?
उत्तर: एल्युमिनियम की सतह पर एल्युमिनियम ऑक्साइड (Al₂O₃) की एक पतली और मजबूत सुरक्षात्मक परत बनी रहती है। यह परत एल्युमिनियम को ठंडे जल के संपर्क में आकर अभिक्रिया करने से रोकती है। इसलिए सामान्य परिस्थितियों में एल्युमिनियम ठंडे जल से अभिक्रिया नहीं करता है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1. निम्नांकित की परिभाषा लिखें।
(i) आघातवर्धनीयता (Malleability)
उत्तर: धातुओं का वह गुण जिसके कारण उन्हें पीटकर पतली चादरों में बदला जा सकता है, आघातवर्धनीयता कहलाता है। उदाहरण—सोना और चाँदी।
(ii) तन्यता (Ductility)
उत्तर: धातुओं का वह गुण जिसके कारण उन्हें खींचकर पतले तारों में बदला जा सकता है, तन्यता कहलाता है। उदाहरण—सोना और ताँबा।
(iii) प्रतिस्थापन अभिक्रिया (Displacement Reaction)
उत्तर: वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें अधिक सक्रिय तत्व किसी यौगिक से कम सक्रिय तत्व को विस्थापित कर देता है, प्रतिस्थापन अभिक्रिया कहलाती है।
उदाहरण:
Zn + CuSO₄ → ZnSO₄ + Cu
इस अभिक्रिया में जिंक, कॉपर सल्फेट से ताँबे को विस्थापित कर देता है।
(iv) जंग (Rust)
उत्तर: लोहे पर नमी और ऑक्सीजन की उपस्थिति में बनने वाली लाल-भूरे रंग की परत को जंग कहते हैं। जंग मुख्यतः जलयोजित आयरन (III) ऑक्साइड होती है। इसका सामान्य सूत्र Fe₂O₃·xH₂O लिखा जाता है।
प्रश्न 2. भौतिक गुणों के आधार पर धातुओं और अधातुओं में अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर: धातुओं और अधातुओं में भौतिक गुणों के आधार पर निम्नलिखित अंतर हैं—
| धातु | अधातु |
|---|---|
| अधिकांश धातुएँ चमकीली होती हैं। | अधिकांश अधातुएँ चमकीली नहीं होती हैं। |
| अधिकांश धातुएँ कठोर होती हैं। | अधातुएँ सामान्यतः ठोस अवस्था में भंगुर होती हैं। |
| धातुएँ सामान्यतः आघातवर्धनीय होती हैं। | अधातुएँ सामान्यतः आघातवर्धनीय नहीं होती हैं। |
| धातुएँ सामान्यतः तन्य होती हैं। | अधातुएँ सामान्यतः तन्य नहीं होती हैं। |
| धातुएँ ऊष्मा की अच्छी सुचालक होती हैं। | अधातुएँ सामान्यतः ऊष्मा की कुचालक होती हैं। |
| धातुएँ सामान्यतः विद्युत की सुचालक होती हैं। | अधातुएँ सामान्यतः विद्युत की कुचालक होती हैं। |
| धातुएँ चोट करने पर ध्वनि उत्पन्न करती हैं। | अधातुएँ सामान्यतः चोट करने पर ऐसी ध्वनि उत्पन्न नहीं करती हैं। |
अपवाद: ग्रेफाइट विद्युत का सुचालक अधातु है। हीरा बहुत कठोर अधातु है। पारा द्रव धातु है तथा ब्रोमीन द्रव अधातु है।
प्रश्न 3. धातुओं की अम्लों से अभिक्रिया में हाइड्रोजन गैस का निकलना दर्शाने के लिए प्रयोग का वर्णन करें।
उत्तर: उद्देश्य: यह दिखाना कि सक्रिय धातु की तनु अम्ल से अभिक्रिया करने पर हाइड्रोजन गैस निकलती है।
आवश्यक सामग्री: जिंक के छोटे दाने, परखनली, तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, कॉर्क और जलती हुई तीली।
विधि:
एक परखनली में जिंक के कुछ छोटे दाने लें।
इसमें सावधानीपूर्वक थोड़ा तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल डालें।
परखनली में गैस के बुलबुले निकलते हुए दिखाई देंगे।
शिक्षक की देखरेख में निकलने वाली गैस की पहचान के लिए परखनली के मुँह के पास जलती हुई तीली ले जाएँ।
अवलोकन: जिंक और तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की अभिक्रिया से हाइड्रोजन गैस निकलती है। गैस जलती हुई तीली के पास लाने पर 'पॉप' ध्वनि के साथ जलती है।
रासायनिक समीकरण:
Zn + 2HCl → ZnCl₂ + H₂↑
निष्कर्ष: सक्रिय धातुएँ तनु अम्लों से अभिक्रिया करके लवण और हाइड्रोजन गैस बनाती हैं।
सावधानी: यह प्रयोग केवल विज्ञान शिक्षक की देखरेख में करें। हाइड्रोजन गैस ज्वलनशील होती है। गैस को एकत्र करके या बड़ी मात्रा में जलाकर प्रयोग न करें।
प्रश्न 4. मैग्नीशियम और गंधक का उदाहरण देकर व्याख्या करें कि धातु और अधातु किस प्रकार विभिन्न गुणों वाले ऑक्साइड बनाते हैं।
उत्तर: धातुएँ और अधातुएँ ऑक्सीजन से अभिक्रिया करके सामान्यतः अलग-अलग प्रकृति के ऑक्साइड बनाती हैं।
(क) मैग्नीशियम की ऑक्सीजन से अभिक्रिया:
मैग्नीशियम एक धातु है। यह ऑक्सीजन में जलने पर सफेद रंग का मैग्नीशियम ऑक्साइड बनाता है।
2Mg + O₂ → 2MgO
मैग्नीशियम ऑक्साइड एक क्षारीय ऑक्साइड है। यह अम्ल से अभिक्रिया करके लवण और जल बनाता है।
MgO + 2HCl → MgCl₂ + H₂O
(ख) गंधक की ऑक्सीजन से अभिक्रिया:
गंधक एक अधातु है। यह ऑक्सीजन में जलने पर सल्फर डाइऑक्साइड गैस बनाता है।
S + O₂ → SO₂
सल्फर डाइऑक्साइड एक अम्लीय ऑक्साइड है। यह जल में घुलकर सल्फ्यूरस अम्ल बनाता है।
SO₂ + H₂O → H₂SO₃
निष्कर्ष: सामान्यतः धातुएँ क्षारीय ऑक्साइड तथा अधातुएँ अम्लीय ऑक्साइड बनाती हैं। मैग्नीशियम ऑक्साइड क्षारीय तथा सल्फर डाइऑक्साइड अम्लीय ऑक्साइड का उदाहरण है।
प्रश्न 5. जंग के अम्लीय या क्षारीय स्वभाव की जाँच के लिए एक प्रयोग का वर्णन करें।
उत्तर: उद्देश्य: जंग के स्वभाव की जाँच करना।
आवश्यक सामग्री: जंग लगे लोहे का कुछ चूर्ण या खुरची हुई जंग, पानी, एक बीकर, लाल लिटमस पत्र और काँच की छड़।
विधि:
एक बीकर में थोड़ी-सी जंग लें।
उसमें थोड़ा पानी डालकर काँच की छड़ से अच्छी तरह हिलाएँ।
जंग के मिश्रण को कुछ समय स्थिर रहने दें।
इस मिश्रण में लाल लिटमस पत्र को नम करके सावधानीपूर्वक संपर्क में लाएँ।
लिटमस पत्र के रंग में होने वाले परिवर्तन को देखें।
अवलोकन: जंग मुख्यतः जलयोजित आयरन (III) ऑक्साइड होती है। यह धातु ऑक्साइड के समान क्षारीय प्रकृति रखती है। हालांकि, जंग पानी में बहुत कम घुलती है, इसलिए लिटमस परीक्षण में रंग का परिवर्तन स्पष्ट या तेज न भी हो सकता है।
निष्कर्ष: जंग की रासायनिक प्रकृति मुख्यतः क्षारीय होती है, क्योंकि यह लोहे का ऑक्साइड है। धातुओं के ऑक्साइड सामान्यतः क्षारीय प्रकृति के होते हैं।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
सोडियम और पोटैशियम — नरम धातुएँ।
पारा — द्रव धातु।
ब्रोमीन — द्रव अधातु।
ग्रेफाइट — विद्युत का सुचालक अधातु।
सोना — अत्यधिक आघातवर्धनीय धातु।
जंग — जलयोजित आयरन (III) ऑक्साइड।
जंग लगने के लिए — ऑक्सीजन और नमी आवश्यक हैं।
बेहतरीन विद्युत चालक धातुओं में — चाँदी प्रमुख है।
जिंक, ताँबे से अधिक सक्रिय है।
धातुओं के ऑक्साइड सामान्यतः क्षारीय तथा अधातुओं के ऑक्साइड सामान्यतः अम्लीय होते हैं।
निष्कर्ष
इस पोस्ट में कक्षा 8 भारती भवन सुगम विज्ञान के अध्याय “धातु और अधातु” के सभी दिए गए अतिलघु, लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों के उत्तर शामिल किए गए हैं। विद्यार्थी इन प्रश्नों का अभ्यास करके धातुओं, अधातुओं, उनके गुणों, रासायनिक अभिक्रियाओं और जंग लगने की प्रक्रिया को अच्छी तरह समझ सकते हैं।
BHARATI BHAWAN – पढ़ाई नहीं, सफलता की तैयारी!


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