कक्षा 8 सुगम विज्ञान अध्याय – संश्लेषित तंतु और प्लास्टिक | सभी प्रश्न-उत्तर | Bharati Bhawan
इस पोस्ट में कक्षा 8 भारती भवन सुगम विज्ञान के अध्याय “संश्लेषित तंतु और प्लास्टिक” के सभी दिए गए प्रश्नों के उत्तर सरल हिंदी में दिए गए हैं। विद्यार्थी परीक्षा की तैयारी के लिए इन प्रश्नों और उत्तरों का अभ्यास कर सकते हैं।
अतिलघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1. बहुलक से क्या समझते हैं?
उत्तर: ऐसे बड़े अणु, जो अनेक छोटी-छोटी इकाइयों के आपस में जुड़ने से बनते हैं, बहुलक कहलाते हैं। उदाहरण—पॉलीथीन, नाइलोन और प्राकृतिक रबर।
प्रश्न 2. एकलकों से बहुलक बनाने की विधि क्या है?
उत्तर: अनेक एकलक अणुओं के आपस में जुड़कर बहुलक बनाने की प्रक्रिया बहुलकीकरण (Polymerization) कहलाती है।
प्रश्न 3. पॉलीथीन का निर्माण किन अणुओं से होता है?
उत्तर: पॉलीथीन का निर्माण एथीन (Ethene) के अणुओं के बहुलकीकरण से होता है।
प्रश्न 4. रेयॉन किस प्राकृतिक बहुलक से बनाया जाता है?
उत्तर: रेयॉन प्राकृतिक बहुलक सेल्यूलोज से बनाया जाता है। सेल्यूलोज सामान्यतः लकड़ी के गूदे जैसे स्रोतों से प्राप्त किया जाता है।
प्रश्न 5. रेयॉन के कोई तीन उपयोग बताएँ।
उत्तर: रेयॉन के तीन उपयोग हैं—
कपड़े बनाने में।
पर्दे और चादरें बनाने में।
कालीन तथा सजावटी वस्त्र बनाने में।
प्रश्न 6. संश्लेषित रेशों का वस्त्र बनाने के अलावा कोई पाँच अन्य उपयोग बताएँ।
उत्तर: संश्लेषित रेशों के पाँच अन्य उपयोग हैं—
रस्सियाँ बनाने में।
मछली पकड़ने के जाल बनाने में।
पैराशूट बनाने में।
टायरों में मजबूती देने वाले कॉर्ड बनाने में।
टेंट और सुरक्षा बेल्ट बनाने में।
प्रश्न 7. बेकेलाइट किस प्रकार का प्लास्टिक है?
उत्तर: बेकेलाइट एक ऊष्मादृढ़ (Thermosetting) प्लास्टिक है।
प्रश्न 8. ऊष्मासुघट्य एवं ऊष्मादृढ़—एक-एक पदार्थ का नाम लिखें।
उत्तर:
ऊष्मासुघट्य प्लास्टिक: पॉलीथीन।
ऊष्मादृढ़ प्लास्टिक: बेकेलाइट।
प्रश्न 9. पॉलीऐमाइड श्रृंखलाओं से बने बहुलक का क्या नाम है?
उत्तर: पॉलीऐमाइड श्रृंखलाओं से बने बहुलकों का एक प्रमुख उदाहरण नाइलोन है।
प्रश्न 10. दो जैव-अनिम्नीकरणीय पदार्थों के नाम बताएँ।
उत्तर: पॉलीथीन और बेकेलाइट जैव-अनिम्नीकरणीय पदार्थों के उदाहरण हैं। ये प्राकृतिक प्रक्रियाओं द्वारा आसानी से विघटित नहीं होते।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1. एक उदाहरण देकर समझाएँ कि नाइलोन के रेशे काफी सबल होते हैं।
उत्तर: नाइलोन के रेशे बहुत मजबूत होते हैं। उदाहरण के लिए, नाइलोन की रस्सियों का उपयोग भारी सामान उठाने तथा पैराशूट बनाने में किया जाता है। इसकी मजबूती और हल्केपन के कारण इसका उपयोग कई ऐसे कामों में होता है जहाँ मजबूत रेशों की आवश्यकता होती है।
प्रश्न 2. नाइलोन क्या है? इसका नाम नाइलोन क्यों पड़ा?
उत्तर: नाइलोन एक संश्लेषित बहुलक तथा पॉलीऐमाइड प्रकार का रेशा है। यह मजबूत, हल्का और टिकाऊ होता है।
नाइलोन का नाम इसके आविष्कार और व्यावसायिक विकास के समय रखा गया था। इसके नाम की उत्पत्ति के बारे में कई लोकप्रिय कहानियाँ प्रचलित हैं, लेकिन इसे निश्चित रूप से “न्यूयॉर्क” और “लंदन” के नामों से बना संक्षिप्त रूप कहना सही नहीं है।
प्रश्न 3. धोओ तथा पहनो पदार्थ किसे कहते हैं?
उत्तर: ऐसे वस्त्र जिन्हें धोने के बाद कम इस्त्री की आवश्यकता होती है और जो आसानी से सिकुड़ते या सिलवटें नहीं बनाते, उन्हें सामान्यतः धोओ तथा पहनो (Wash-and-wear) वस्त्र कहा जाता है। पॉलिएस्टर तथा पॉलिएस्टर-मिश्रित कपड़ों में यह गुण अक्सर पाया जाता है।
प्रश्न 4. ऊष्मासुघट्य एवं ऊष्मादृढ़ में क्या अंतर है?
उत्तर:
| ऊष्मासुघट्य प्लास्टिक | ऊष्मादृढ़ प्लास्टिक |
|---|---|
| गर्म करने पर नरम हो जाते हैं। | एक बार कठोर आकार लेने के बाद गर्म करने पर सामान्यतः फिर से नरम होकर ढाले नहीं जा सकते। |
| इन्हें बार-बार गर्म करके नया आकार दिया जा सकता है। | इन्हें बार-बार गर्म करके नया आकार नहीं दिया जा सकता। |
| उदाहरण—पॉलीथीन, पीवीसी। | उदाहरण—बेकेलाइट, मेलामाइन। |
प्रश्न 5. विद्युत स्विच ऊष्मादृढ़ प्लास्टिक से बनते हैं, क्यों?
उत्तर: विद्युत स्विच प्रायः बेकेलाइट जैसे ऊष्मादृढ़ प्लास्टिक से बनाए जाते हैं, क्योंकि ये ऊष्मा सहन कर सकते हैं, कठोर होते हैं और विद्युत के कुचालक होते हैं। इससे विद्युत के झटके का खतरा कम करने में सहायता मिलती है। फिर भी स्विच का सुरक्षित होना उसकी पूरी बनावट और सही स्थापना पर भी निर्भर करता है।
प्रश्न 6. बेकेलाइट का उपयोग कहाँ-कहाँ होता है?
उत्तर: बेकेलाइट एक कठोर, ऊष्मादृढ़ और विद्युत का कुचालक प्लास्टिक है। इसके प्रमुख उपयोग हैं—
विद्युत स्विच और प्लग के बाहरी भाग बनाने में।
बिजली के सॉकेट तथा कुछ विद्युत उपकरणों के हिस्से बनाने में।
गर्मी सहने वाले उपकरणों के हैंडल बनाने में।
कुछ पुराने प्रकार के रेडियो और टेलीफोन के आवरण बनाने में।
कुछ औद्योगिक विद्युत-रोधी पुर्जे बनाने में।
प्रश्न 7. यह दर्शाने के लिए कि प्लास्टिक प्रकृति में अपघटित नहीं होते, उदाहरण दें।
उत्तर: प्लास्टिक की थैलियाँ, प्लास्टिक की बोतलें और कुछ कठोर प्लास्टिक के सामान मिट्टी में लंबे समय तक बने रह सकते हैं। सूक्ष्मजीव इन्हें आसानी से प्राकृतिक पदार्थों की तरह विघटित नहीं कर पाते। इसलिए ये पर्यावरण में जमा होकर मिट्टी, नालियों और जलस्रोतों को प्रदूषित कर सकते हैं। हालाँकि, सभी प्रकार के प्लास्टिक का व्यवहार एक जैसा नहीं होता।
प्रश्न 8. ग्रीष्म-ऋतु में सूती कमीज एवं संश्लेषित सामग्री से बने कमीज में से कौन खरीदना चाहिए?
उत्तर: ग्रीष्म-ऋतु में सामान्यतः सूती कमीज खरीदना बेहतर होता है, क्योंकि सूती कपड़ा पसीना सोखता है और शरीर से नमी हटाने में सहायता करता है। इससे गर्मी में आराम मिलता है। संश्लेषित कपड़ों में पसीना सोखने की क्षमता रेशे के प्रकार और कपड़े की बनावट पर निर्भर करती है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1. संश्लेषित तंतु से क्या समझते हैं? दो संश्लेषित तंतुओं के नाम तथा प्रत्येक के तीन-तीन उपयोग बताएँ।
उत्तर: ऐसे तंतु जिन्हें रासायनिक प्रक्रियाओं द्वारा कृत्रिम रूप से तैयार किया जाता है, संश्लेषित तंतु कहलाते हैं। इन्हें सामान्यतः छोटे अणुओं से बने बहुलकों से तैयार किया जाता है।
दो प्रमुख संश्लेषित तंतु और उनके उपयोग:
(क) नाइलोन
नाइलोन मजबूत, हल्का और टिकाऊ संश्लेषित तंतु है। इसके तीन उपयोग हैं—
रस्सियाँ बनाने में।
मछली पकड़ने के जाल बनाने में।
पैराशूट और सुरक्षा बेल्ट बनाने में।
(ख) पॉलिएस्टर
पॉलिएस्टर एक प्रमुख संश्लेषित तंतु है। इसके तीन उपयोग हैं—
कपड़े बनाने में।
पर्दे, चादरें और अन्य घरेलू वस्त्र बनाने में।
मजबूत कपड़ों तथा औद्योगिक वस्त्रों के निर्माण में।
प्रश्न 2. नाइलोन के मुख्य उपयोग बताएँ। प्रयोग द्वारा दर्शाएँ कि नाइलोन का धागा इस्पात के तार से भी सबल हो सकता है।
उत्तर: नाइलोन के मुख्य उपयोग
कपड़े और मोजे बनाने में।
मजबूत रस्सियाँ बनाने में।
मछली पकड़ने के जाल बनाने में।
पैराशूट बनाने में।
टायरों में मजबूती देने वाले कॉर्ड बनाने में।
टूथब्रश के रेशे बनाने में।
सुरक्षा बेल्ट तथा अन्य मजबूत वस्त्र बनाने में।
प्रयोग का उद्देश्य: यह समझना कि समान मोटाई और उपयुक्त परिस्थितियों में नाइलोन का धागा अधिक तनन-भार सहन कर सकता है।
सामग्री: समान लंबाई और लगभग समान मोटाई का नाइलोन धागा तथा इस्पात का तार, एक मजबूत स्टैंड, एक समान भार रखने का पात्र और छोटे-छोटे भार।
विधि:
नाइलोन धागे और इस्पात के तार को अलग-अलग मजबूत स्टैंड पर सुरक्षित रूप से बाँधें।
दोनों के निचले सिरों पर समान प्रकार का भार रखने वाला पात्र लगाएँ।
प्रत्येक पात्र में धीरे-धीरे समान मात्रा में भार बढ़ाएँ।
दोनों में टूटने से पहले सहन किए गए कुल भार की तुलना करें।
अवलोकन: यदि नाइलोन का धागा टूटने से पहले अधिक भार सहन करता है, तो उस परीक्षण में उसकी तनन-क्षमता अधिक पाई जाती है।
निष्कर्ष: नाइलोन के कुछ धागे अपनी मोटाई और निर्माण के अनुसार बहुत अधिक तनन-बल सहन कर सकते हैं। लेकिन यह कहना सही नहीं है कि हर नाइलोन धागा हर इस्पात के तार से अधिक मजबूत होता है। परिणाम धागे और तार की मोटाई, गुणवत्ता तथा परीक्षण की परिस्थितियों पर निर्भर करता है।
सावधानी: यह प्रयोग केवल शिक्षक या किसी जिम्मेदार वयस्क की देखरेख में करें। भारी भार का प्रयोग न करें और टूटने वाले धागे या तार के ठीक नीचे खड़े न हों।
प्रश्न 3. संश्लेषित तंतुओं से क्या-क्या लाभ हैं? विस्तार से चर्चा करें।
उत्तर: संश्लेषित तंतुओं के अनेक लाभ हैं—
मजबूती: नाइलोन जैसे कई संश्लेषित तंतु मजबूत होते हैं और अधिक तनन-बल सहन कर सकते हैं।
हल्कापन: कई संश्लेषित तंतु कम वजन के होते हैं, जिससे उनसे बनी वस्तुओं को ले जाना आसान होता है।
टिकाऊपन: उचित देखभाल करने पर इनसे बने कपड़े और सामान लंबे समय तक उपयोग किए जा सकते हैं।
जल्दी सूखना: पॉलिएस्टर जैसे कई संश्लेषित रेशे कम पानी सोखते हैं और जल्दी सूख सकते हैं।
कम सिलवटें: कुछ संश्लेषित रेशों से बने कपड़ों में कम सिलवटें पड़ती हैं और उन्हें कम इस्त्री की आवश्यकता हो सकती है।
आकार बनाए रखना: इनसे बने कई कपड़े अपना आकार अच्छी तरह बनाए रखते हैं।
विविध उपयोग: इनका उपयोग कपड़े, रस्सियाँ, पैराशूट, जाल, टायर-कॉर्ड और औद्योगिक वस्तुएँ बनाने में होता है।
मिश्रित कपड़े: इन्हें सूती या अन्य प्राकृतिक रेशों के साथ मिलाकर ऐसे कपड़े बनाए जा सकते हैं जिनमें दोनों प्रकार के रेशों के उपयोगी गुण मिलें।
सीमाएँ: कुछ संश्लेषित तंतु अधिक गर्मी से प्रभावित हो सकते हैं। कई सामान्य प्लास्टिक और संश्लेषित रेशे प्रकृति में धीरे-धीरे विघटित होते हैं और इनके कचरे से पर्यावरण को नुकसान पहुँच सकता है। इसलिए इनका उचित उपयोग, पुनःप्रयोग और सही निपटान आवश्यक है।
प्रश्न 4. प्लास्टिक क्या है? दो ऊष्मादृढ़ प्लास्टिक के उदाहरण दें तथा उनके उपयोगों की विस्तृत जानकारी दें।
उत्तर: प्लास्टिक ऐसे पदार्थ हैं जिन्हें उपयुक्त परिस्थितियों में इच्छित आकार दिया जा सकता है। अधिकांश प्लास्टिक बहुलकों से बने होते हैं। गुणों के आधार पर इन्हें मुख्यतः ऊष्मासुघट्य और ऊष्मादृढ़ प्लास्टिक में बाँटा जाता है।
ऊष्मादृढ़ प्लास्टिक: ऐसे प्लास्टिक जिन्हें एक बार कठोर आकार देने के बाद गर्म करके सामान्य रूप से दोबारा नरम और पुनः आकार देने योग्य नहीं बनाया जा सकता, ऊष्मादृढ़ प्लास्टिक कहलाते हैं।
1. बेकेलाइट
बेकेलाइट एक ऊष्मादृढ़ प्लास्टिक है। यह कठोर होता है, ऊष्मा सहन कर सकता है और विद्युत का कुचालक होता है।
इसके उपयोग—
विद्युत स्विच और प्लग के बाहरी भाग बनाने में।
सॉकेट तथा कुछ विद्युत उपकरणों के हिस्से बनाने में।
गर्मी सहने वाले उपकरणों के हैंडल बनाने में।
कुछ विद्युत-रोधी औद्योगिक पुर्जे बनाने में।
2. मेलामाइन
मेलामाइन से बने ऊष्मादृढ़ पदार्थ कठोर होते हैं और उचित परिस्थितियों में ऊष्मा तथा खरोंच का अच्छा प्रतिरोध कर सकते हैं।
इसके उपयोग—
मेलामाइन के बर्तन और प्लेटें बनाने में।
रसोई की सतहों तथा फर्नीचर पर सजावटी लैमिनेट बनाने में।
कुछ प्रकार के विद्युत उपकरणों के इन्सुलेटिंग भाग बनाने में।
टिकाऊ सजावटी सतहों और घरेलू उपयोग की वस्तुओं में।
निष्कर्ष: बेकेलाइट और मेलामाइन दोनों ऊष्मादृढ़ प्लास्टिक के उदाहरण हैं। इनके अलग-अलग गुणों के कारण इनका उपयोग विद्युत उपकरणों, घरेलू वस्तुओं और सजावटी सतहों के निर्माण में किया जाता है।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
बहुलक बनाने की प्रक्रिया — बहुलकीकरण।
पॉलीथीन का एकलक — एथीन।
रेयॉन का प्राकृतिक स्रोत-बहुलक — सेल्यूलोज।
नाइलोन — पॉलीऐमाइड प्रकार का संश्लेषित बहुलक।
ऊष्मासुघट्य प्लास्टिक का उदाहरण — पॉलीथीन।
ऊष्मादृढ़ प्लास्टिक के उदाहरण — बेकेलाइट और मेलामाइन।
प्लास्टिक कचरे का एक प्रमुख पर्यावरणीय प्रभाव — लंबे समय तक पर्यावरण में बने रहना।
गर्मियों में सामान्यतः आरामदायक विकल्प — सूती कमीज।
निष्कर्ष
इस पोस्ट में कक्षा 8 भारती भवन सुगम विज्ञान के अध्याय “संश्लेषित तंतु और प्लास्टिक” के सभी दिए गए अतिलघु, लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों के उत्तर शामिल किए गए हैं। विद्यार्थी इन्हें पढ़कर बहुलक, संश्लेषित तंतु, नाइलोन, रेयॉन, पॉलीथीन, बेकेलाइट और मेलामाइन से संबंधित महत्वपूर्ण अवधारणाओं को दोहरा सकते हैं।
BHARATI BHAWAN — पढ़ाई नहीं, सफलता की तैयारी!


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